हरियाणा कौशल रोजगार निगम

Sunday, 17 April 2022

HKRN Job offers to 28,787 people under HKRN

HKRN हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत 28,787 लोगों को हुए जॉब ऑफर, संजीव कौशल ने दी जानकारी

HKRN Job offers to 28,787 people under HKRN

HKRN Job offers

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चंडीगढ़। करीब छह माह पहले गठित हरियाणा कौशल रोजगार निगम पर अब तक कोई नई नौकरी नहीं देने का आरोप लग रहा था. विभागों, मंडलों और निगमों में बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद अब तक एक भी भर्तियां पूरी नहीं हो सकी थी. जिससे प्रदेश के युवाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा था. सरकार पर युवाओं के बढ़ते आक्रोश को देख अब मुख्य सचिव ने ट्वीट कर मुख्य जानकारियां साझा की है.


मुख्य सचिव संजीव कौशल ने ट्वीट कहां है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा अब तक 28,787 लोगों को जॉब का ऑफर किया जा चुका है, जिनमें से 12,309 लोगों ने जॉब को ज्वाइन भी कर लिया है.इसके अलावा, अब तक आउटसोर्स कर्मियों के अनुभव का 37% वेरिफिकेशन भी हो चुका है.


उन्होंने दूसरे ट्वीट में बताया कि मुख्य सचिवालय ने उम्मीदवारों के अनुभव के वेरिफिकेशन के कार्य को शत-प्रतिशत कर दिया है. इसी प्रकार, अन्य कई विभागों ने भी उम्मीदवारों के अनुभव के वेरिफिकेशन को 100 प्रतिशत तक कर दिया है तथा अन्य विभाग इस ओर लगातार अपने कार्य में लगे हुए हैं.


मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अपने तीसरे ट्वीट में आगे बताया कि अब तक विभागों, बोर्डों, निगमों व अन्य द्वारा 29,745 मैनपावर को निगम के साथ पोर्ट किया जा चुका है. इसी तरह से विभागों के अनुसार नए पदों को जोड़ने की कवायद भी कौशल रोजगार निगम में जारी है.


HKRN कौशल रोजगार निगम का इसलिए किया गठन


बता दें कि सितंबर 2021 में विभागों में डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन किया गया था. पहले विभागों में ठेकेदारों के माध्यम से भर्ती की जाती थी. ठेका खत्म करने के लिए निगम का गठन किया गया है. मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागों को रिक्त पदों का विवरण निगम को भिजवाने के निर्देश भी दिए गए थे. बड़ी संख्या में विभागों ने रिक्त पदों की पूरी जानकारी निगम को दे दी थी.


HKRN स्थायी नौकरी की मांग


वहीं सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बीते कुछ दिनों में कहा है कि यह युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है, कहा था कि युवाओं को कच्ची नहीं पक्की नौकरी दी जाए. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता धुल का कहना है कि कच्ची नौकरी करना गलत है. विभागों में स्थाई नौकरियां स्थापित की जाएं लेकिन इसमें भी देरी हो रही है.न ही युवाओं को जानकारी दी जा रही है. परीक्षा कब होगी या इसका चयन कैसे होगा, इसका पूरा शेड्यूल जारी किया जाना चाहिए.


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